20 और 21 मार्च 2025 को शेयर बाजार में आई तेजी के पीछे कई महत्वपूर्ण कारण रहे:
1. विदेशी निवेश (FII) में बढ़ोतरी
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विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने भारतीय बाजार में भारी मात्रा में निवेश किया।
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मजबूत वैश्विक संकेतों और भारतीय अर्थव्यवस्था की बेहतर स्थिति के चलते विदेशी निवेश बढ़ा।
2. डॉलर के मुकाबले रुपये की मजबूती
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रुपया मजबूत हुआ, जिससे विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ा।
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मजबूत रुपया आमतौर पर विदेशी निवेश के लिए आकर्षक माहौल बनाता है।
3. IT और ऑटो सेक्टर में उछाल
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IT और ऑटोमोबाइल सेक्टर के शेयरों में शानदार तेजी देखी गई।
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इंफोसिस, टीसीएस, विप्रो जैसी कंपनियों के शेयरों में 3-5% तक की बढ़ोतरी हुई।
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टाटा मोटर्स, मारुति सुजुकी और महिंद्रा जैसी ऑटो कंपनियों के शेयर भी बढ़े।
4. ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद
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अमेरिकी फेडरल रिजर्व और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की संभावित ब्याज दर कटौती से बाजार को सपोर्ट मिला।
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कम ब्याज दरें निवेश के लिए अनुकूल मानी जाती हैं।
5. कंपनियों के मजबूत तिमाही नतीजे
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कई कंपनियों के अच्छे तिमाही नतीजे आए, जिससे बाजार में सकारात्मकता बनी रही।
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वित्तीय और बैंकिंग सेक्टर के शेयरों में भी अच्छी खरीदारी हुई।
6. घरेलू निवेशकों की भागीदारी
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घरेलू म्यूचुअल फंड्स और खुदरा निवेशकों ने भी बाजार में खरीदारी की, जिससे लिक्विडिटी बढ़ी।
7. वैश्विक बाजारों से सकारात्मक संकेत
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अमेरिकी और यूरोपीय बाजारों में तेजी के चलते भारतीय बाजारों में भी उछाल आया।
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चीन और अन्य एशियाई देशों में आर्थिक सुधारों के संकेत भी बाजार के लिए फायदेमंद रहे।
8. राजनीतिक स्थिरता और सुधारों की उम्मीद
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सरकार द्वारा नई नीतियों और आर्थिक सुधारों को लेकर सकारात्मक संकेत मिलने से निवेशकों का भरोसा बढ़ा।
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लोकसभा चुनाव से पहले निवेशकों ने तेजी से खरीदारी की।
शेयर बाजार की यह तेजी कई कारकों का नतीजा रही, जिसमें विदेशी निवेश, रुपये की मजबूती, मजबूत कॉर्पोरेट प्रदर्शन और वैश्विक बाजारों से मिले अच्छे संकेत मुख्य रूप से शामिल रहे।
